Feb 05, 2026

उत्तराखंड में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों से आगे वैश्विक रोजगार पर जोर

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उत्तराखंड में साढ़े चार साल में 28 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उनकी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में युवाओं को रोजगार देने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2021 से अब तक सरकार के 54 महीनों के कार्यकाल में राज्य के विभिन्न विभागों में 28 हजार 500 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां दी गई हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि औसतन हर महीने 518 युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी रिक्त पदों को भरने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2023 में लागू किया गया देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भर्ती परीक्षाओं में मील का पत्थर साबित हुआ है। इस कानून के बाद न केवल परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं में भी तेजी आई है। जो प्रक्रियाएं पहले दो से तीन साल तक चलती थीं, वे अब एक वर्ष के भीतर पूरी हो रही हैं। सीएम धामी ने कहा कि सरकार का फोकस केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को राज्य और देश से बाहर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड के युवाओं को जापान और जर्मनी जैसे देशों में रोजगार दिलाया जा रहा है। विशेष रूप से नर्सिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल रहे हैं। अब तक 37 युवाओं को जापान में रोजगार मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के साथ-साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के जरिए उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार मजबूती से आगे बढ़ रही है।