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आस्था के केंद्र में 'ऑपरेशन सुव्यवस्था': महाकुंभ से पहले बदलती हरिद्वार की तस्वीर,श्रद्धालुओं से अभद्रता करने वाले 31 भिखारी गिरफ्तार

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उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में महाकुंभ के आयोजन से पूर्व पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। पवित्र गंगा तटों और हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में हरकी पैड़ी जाने वाले रास्तों पर जबरन भीख मांगकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशान करने वाले 31 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश भिक्षुक प्रतिषेध अधिनियम (भिक्षुक एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं का रास्ता रोककर जबरन भीख मांगने और उन्हें परेशान करने के आरोप में पुलिस ने 31 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भिक्षुक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया। कुंभ मेला-2027 से पहले की गई इस कार्रवाई को तीर्थनगरी में व्यवस्थाएं बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गुरुवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र में अभियान चलाया गया। इस दौरान घाटों तक आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी की गई। पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन पर श्रद्धालुओं का रास्ता रोककर जबरन भीख मांगने और उन्हें परेशान करने के आरोप हैं। हरिद्वार में वर्षभर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। हरकी पैड़ी क्षेत्र में विशेष अवसरों पर भीड़ बढ़ने से आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती भी बढ़ जाती है। ऐसे में रास्तों पर लोगों को रोककर परेशान करने की शिकायतों पर पुलिस ने कार्रवाई की है।  पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाना और घाटों के आसपास व्यवस्था बनाए रखना है। हालांकि, आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मामलों में अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा। कार्रवाई के साथ पुलिस ने गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंच रहे श्रद्धालुओं से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को मोबाइल फोन, आभूषण, पर्स और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने भीड़ में सक्रिय जेबकतरों और चोरी करने वालों से सावधान रहने को भी कहा है। धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बीच यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना जरूरी है। अभियान में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, उपनिरीक्षक राधाकृष्ण रतूड़ी तथा कांस्टेबल रमेश, मान सिंह, भूपेंद्र गिरी, अमित कुमार, रितेश कुमार और नितिन रावत शामिल रहे। दूसरी ओर, आगामी कुंभ मेला-2027 को लेकर मेला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को मेला नियंत्रण भवन में मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। इसमें निर्माण कार्यों, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, घाटों की सुरक्षा, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने तैयारियों को लेकर सुझाव दिए। कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान कुंभ-2027 के लोगो, कुंभ गीत और आधिकारिक वेबसाइट का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वेबसाइट पर कुंभ से संबंधित आवश्यक सूचनाएं, उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का विवरण उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। बैठक में हरिद्वार की महापौर किरण जैसल, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ और मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण आगामी कुंभ की तैयारियों के प्रमुख पहलू हैं। हरकी पैड़ी क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई और मेला प्रशासन की बैठक इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं। हालांकि, बेहतर व्यवस्था के लिए केवल कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। जरूरतमंद लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण, कानून का निष्पक्ष पालन, प्रभावी यातायात प्रबंधन और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं भी जरूरी होंगी। कुंभ-2027 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और मेला प्रशासन के सामने समय रहते व्यवस्थाओं को मजबूत करने की चुनौती है।