उत्तराखंड जनसुनवाई 2026: मुख्यमंत्री कार्यालय रखेगा हर शिकायत पर नजर, लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

Blog
 Image

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने शासकीय आवास स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। जनसुनवाई के दौरान राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली और भूमि विवादों से जुड़ी अपनी व्यथा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। सीएम ने न केवल सबकी बातों को धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए कड़ी चेतावनी भी दी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने कहा, "जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" सीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिस विभाग को शिकायत भेजी जा रही है, वह समाधान के बाद शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराए। सीएम धामी ने संवाद के दौरान कहा कि 'मुख्य सेवक सदन' जैसे कार्यक्रम शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संवादों से सरकार को जमीनी स्तर की चुनौतियों और जनता की वास्तविक अपेक्षाओं की सीधी जानकारी मिलती है। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार 'विकल्प रहित संकल्प' के साथ उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसुनवाई के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मिला। अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन और सहानुभूतिपूर्ण रवैये के लिए उन्होंने सीएम धामी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को सरलता और पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। जनसुनवाई में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि जनता का विश्वास सरकार की कार्यशैली पर बढ़ा है, और मुख्यमंत्री ने इस विश्वास को बनाए रखने के लिए सुशासन और जवाबदेही को सर्वोपरि बताया।