मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल नीतियों से देश की उत्पादन क्षमता में हुई ऐतिहासिक वृद्धि

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देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज का भारत नई सोच, अत्याधुनिक तकनीक और एक अभूतपूर्व नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक पटल पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश 'विकसित भारत-2047' के महान संकल्प को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में देश के उच्च शिक्षा संस्थानों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है।

शनिवार को देहरादून के सिंहनीवाला स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में "विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षा का महत्व एवं योगदान" विषय पर एक भव्य प्रबुद्ध गोष्ठी एवं कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भारत केवल आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि ज्ञान, नवाचार,संस्कृति और मानवीय मूल्यों के आधार पर पूरे विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा, "भारत को प्राचीन काल में सोने की चिड़िया कहा जाता था। आज भी हमारा देश जिस प्रकार से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, वह किसी सोने की चिड़िया से कम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पहले जिन शिक्षित युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय रिसर्च करने के लिए मजबूरन विदेशों का रुख करना पड़ता था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और प्रोत्साहन के कारण वे सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं देश के भीतर ही उपलब्ध करा दी गई हैं। 'मेक इन इंडिया' और 'लोकल फॉर वोकल' की नीतियों ने देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया है, जिससे आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला (Job Provider) बन रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई शिक्षा नीति भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज विकास, निवेश, रोजगार और सुशासन ( के क्षेत्र में देश के भीतर अपनी एक नई और विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार नीतियां बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, "विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक तरक्की तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय विकास का भी एक महासंकल्प है। उत्तराखंड इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपना सर्वोच्च योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने प्रदेश के युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी सकारात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि आज का युवा भारत ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है।कार्यक्रम के दौरान देश के कोने-कोने से आए शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उच्च शिक्षा में शोध, कौशल विकास और उद्योगों की सीधी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया। इससे पूर्व, कॉलेज परिसर में पहुंचने पर मुख्य अतिथियों का पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया।