पितृ अमावस्या पर आज हरिद्वार हरकी पैड़ी में पहले स्नान के लिए लाखों को लोगों की भीड़ उमड़ी। इसके बाद लोगों ने नारायणी शिला पर जाकर तर्पण किया। हाईवे से लेकर शहर की गलियां तक जाम की चपेट में हैं । गंगा के सभी घाट लगभग श्रद्धालुओं से खचाखच भरे हुए हैं। नारायणी शिला के सीमित क्षेत्र में तर्पण के लिए लोगों को क्रम से अवसर दिया जा रहा है। र्वपितृ अमावस्या, जिसे पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह दिन पितरों की तृप्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए समर्पित होता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। सर्वपितृ अमावस्या पर किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। उनकी कृपा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह दिन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का अद्भुत अवसर होता है, जिससे जीवन के सभी क्षेत्रों में शुभता और सकारात्मकता का संचार होता है।
Trending
दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे रचेगा नया इतिहास: तीन राज्यों को जोड़कर बनेगा देश का पहला 'ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व'
उत्तराखंड में 'नारी शक्ति' और 'परिसीमन' पर महासंग्राम: बदल जाएगा विधानसभा की सीटों का भूगोल, पहाड़ की सत्ता पर मैदान का 'दांव'
कॉर्बेट अवॉर्ड की शुरुआत: 90 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा ऐलान, प्रकृति सेवकों को 5.01 लाख रुपये का पुरस्कार
वैश्विक निर्यात नेटवर्क स्थापित करने के लिए मखाना के अनुसंधान, ब्रांडिंग और विपणन पर ध्यान देगा उत्तराखंड
उत्तराखंड सरकार ने चारों धामों में सभी पंजीकृत भक्तों को दर्शन की अनुमति देने हेतु क्षमता प्रतिबंध हटाए
गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग के बीच उत्तराखंड ऊर्जा विभाग ने तैयार की वैकल्पिक बिजली योजना
सीडीएस जनरल अनिल चौहान द्वारा बदरीनाथ में स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन प्रणालियों की व्यापक समीक्षा
उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवाओं में महिलाओं के लिए 335 स्थायी एएनएम पदों पर करियर का सुनहरा अवसर
पितृ अमावस्या: खचाखच भरे हरिद्वार के गंगा घाट! स्नान-तर्पण करने के लिए लाखों की संख्या में पहुंचे लोग
- by Admin
- Oct 02, 2024